प्राचार्य की कलम से


प्रिय छात्र-छात्राओं!

जीवन एक प्रश्न है और मृत्यु ही उसका अटल उत्तर है, जो आजीवन चलने वाली शिक्षा प्रक्रिया की सजीव पराकाष्ठा है। मनुष्य का जीवन कब तक है, उसे नहीं पता, फिर भी अपने जीवन को सुन्दर एवं कलात्मक बनाने हेतु वह सदा प्रयत्नशील रहता है। अत: शिक्षा मनुष्य को पूर्ण मनुष्य बनाने में सहयोग करती है।

दून इंस्टीट्‌यूट ऑफ एजुकेशन श्यामपुर, ऋषिकेश इसी का एक प्रतीक है। यहां बी- एड- एवं एम- एड- विभागों के द्वारा यही प्रयास संभव होता है कि हमारे छात्र-छात्राएं विशेष प्रशिक्षण एवं ज्ञान के द्वारा परिवार, क्षेत्र, प्रदेश, देश, एवं अन्तर्राष्ट्रीय जगत में अपने ज्ञान की अखण्ड ज्योति जलाने में अग्रसर हों तथा सम्पूर्ण विश्व के लिए पथ प्रदर्शक (torch bearer)  बन सकें।

मुझे आशा ही नहीं अपितु पूर्ण विश्वास है कि भविष्य में संस्थान विकास के विभिन्न आयामों को पार करता हुआ एक प्रतिष्ठित शोध संस्थान के रूप में विकसित होगा।
शुभमस्तु!

प्रो- माणिक चाँद शुक्ला
प्राचार्य